'कायम थे और कायम रहेंगे'
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कायम रहेंगे' वाराणसी, १६ फरवरी। पड़ाव में एकात्म मानववाद के प्रणेता पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद पीएम नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित किया तो सीएए को लेकर भी मंच से अपना स्टैंड साफ कर दिया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जनसभा को संबोधित करते हुए कहा कि दुनियाभर के तमाम दबावों के बाद भी नागरिकता संशोधन कानून (सीएए) पर हम कायम थे कायम हैं और आगे भी कायम रहेंगे। __दरअसल, सीएए को लेकर मलेशिया सहित पाकिस्तान की ओर से भी सीएए को लेकर भारत के खिलाफ माहौल बना रहा। इन्हीं वजहों से भारत ने पाम आयल के आयात में भी भारत ने कटौती करके विदेशी ताकतों को कड़ा संदेश दिया था। वहीं पीएम के संसदीय क्षेत्र वाराणसी सहित देश भर में विपक्षी दलों की ओर से सीएए के विरोध को लेकर आंदोलन चलाया गया। पीएम ने सीएए पर मंच से अपना स्टैंड भी कायम रहने को लेकर विपक्षियों ही नहीं बल्कि विदेशी ताकतों को भी स्पष्ट संदेश दिया है। सीएए पर विपक्षी दलों के साथ विदेशी ताकतों पर भी मोदी हमलावर... दरअसल सीएए को लेकर पूर्वांचल और खुद पीएम नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र वाराणसी में भी आंदोलन का लंबा दौर चला था। पड़ाव में पं. दीनदयाल उपाध्याय की प्रतिमा का अनावरण करने के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए पीएम ने कहा कि आज समय है कि हम सब पं. दीनदयाल उपाध्याय का स्मरण करें। जिनके दिल में गरीबों के लिए कुछ है उनके लिए यह प्रेरणा भूमि है। जिनको सबकी चिंता है ऐसे देशभक्ति के रंग में रंगे लोगों के लिए यह स्थल तीर्थ के समान है। जहां से देश के लिए जीने और जूझने के साथ खुद को देश के लिए खपाने की प्रेरणा मिलेगी। आज मैं इस धरती को नमन करता हूं। विश्वास है कि दीनदयाल जी की आत्मा जहां भी होगी आशीर्वाद और प्रेरणा दे रही होगी। क्योंकि हम समाज के दबे कुचले, दलित और शोषित वर्ग के लिए जो जिम्मा मिला उसका निर्वाह उनकी प्रेरणा से कर रहे हैं। पंडित जी ने अंत्योदय का मार्ग दिखाया था। उनका सपना था कि आखिरी पंक्ति वाले का उदय हो। २१ वीं सदी का भारत इसी के लिए काम कर रहा है। विकास के आखिरी पायदान वाले को पहले पायदान पर करना है, इसके लिए सतत प्रयास जारी है। पीएम ने कहा कि पूर्वांचल को लाभ पहुंचाने वाली १२०० करोड़ से अधिक की योजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। इनमें सड़क, स्कूल, पानी की योजनाएं हैं, शहर को और सुंदर बनाने की योजना है। स्वास्थ शिक्षा सुविधा आस्था और रोजगार से जुड़ी योजनाओं के लिए काशी और पूर्वांचल को बधाई। पांच वर्षों से काशी सहित पूर्वांचल के कायाकल्प के संकल्प का अटूट हिस्सा हूं। इन वर्षों में काशी में लगभग २५ हजार करोड़ रुपये का विकास कार्य या तो पूरा हो रहा है या तेज गति से चल रहा है। क्षेत्र में अहिल्या बाई होल्कर के बाद इतना काम हो रहा है तो बाबा भोले का भी आशीर्वाद है। इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए आज पूर्वांचल में हाइवे का काम चल रहा है, योगी जी की टीम पूर्वांचल एक्सप्रेस वे पर काम कर रही है। चौकाघाट लहरतारा पुल का लोकार्पण आज हो गया। कैंट स्टेशन से बीएचयू और एयरपोर्ट तक इससे आवागमन में सहूलियत मिलेगी। इसके साथ अलग-अलग गांवों को जोड़ने वाली १६ सड़कों का लोकार्पण हुआ है। इससे पूर्वांचल और बिहार जाने वालों को लाभ मिलेगा। काशी सहित पूरे क्षेत्र में रोजगार निर्माण के बड़े साधन तैयार कर रहे हैं। पर्यटन आधारित रोजगार से काशी और आसपास बल मिल रहा है। पर्यटन में हर वर्ग का व्यक्ति कम निवेश में अधिक लाभ कमाता है। आज भारत में पांच ट्रिलियम डालर अर्थव्यवस्था में पर्यटन का हिस्सा बहुत है। हेरिटेज पर्यटन का बड़ा हिस्सा है। काशी और आस्था से जुडे स्थलों को जरूरतों के मुताबित स्थलों को विकसित किया जा रहा है। गंगा तट पर घाटों का सुंदरीकरण किया जा रहा है। पर्यटक जा रहा है। गंगा तट पर घाटों का सुंदरीकरण किया जा रहा है। पर्यटक सुखद अनुभव लेकर जाता है। बीते दिनों श्रीलंका के पीएम भी आए थे। यहां मंत्रमुग्ध थे। काशी के लोगों की उन्होंने प्रशंसा की है। काशी विश्वनाथ धाम से आप परिचित हैं। मंदिर परिसर में अननक्षेत्र का लोकार्पण हुआ है। भक्तों के भोजन की सुविधा अन्न क्षेत्र में होगी। जल्द ही बाबा का दिव्य प्रांगण भव्य रूप में आएगा। इसी तरह अयोध्या में श्रीराम जन्म भूमि के लिए ट्रस्ट का गठन हो चुका है। श्रीराम धाम के लिए तेजी से काम शुरू कर देगा। देश भर में आस्था आध्यात्म के केंद्र विकसित करने के साथ पर्यटकों के लिए सुविधाजनक बनाया जा रहा है। निरंतर कनेक्टिविटी लोगों को मिले इसके लिए काम हो रहा है।